अवधिया जी इस भाई को हमारे देश के गरीबों का खून चूसने वाले मंत्रियों के पीछे लगा दीजिये ,क्या पता इस भाई को देखकर भ्रष्ट मंत्रियों को थोरी शर्म आ जाये ...!
मैं एक संवेदनशील, सादे विचार वाला, सरल, सेवानिवृत व्यक्ति हूँ। मुझे अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व है। आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है।
15 टिप्पणियाँ:
उई रामा ! भाई चाकू लेके आई रेला है, भागो .... !
इस भाई को किस देश से ले आए हैं? अरे बाप रे बाप बड़ा डर लग रहा है।
shaandaar !
अवधिया जी इस भाई को हमारे देश के गरीबों का खून चूसने वाले मंत्रियों के पीछे लगा दीजिये ,क्या पता इस भाई को देखकर भ्रष्ट मंत्रियों को थोरी शर्म आ जाये ...!
mast
बड़ा डर लग रहा है
गजब का शाट
टिपण्णी देदे वर्ना इस भाई को भेज दुंगा... समझे क्या एक खोखा टिपाण्णी
अब जान गये इसलिए बिना नानुकुर के टिप्पणी करके जा रहे हैं. फिर बुलाओगे, तो फिर आयेंगे. :)
बहुत ही चिन्तनीय पोस्ट.
बच्चे के हाथ में चाकू
बच्चों के नन्हें हाथों तो चांद-सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़कर वे भी हम जैसे हो जाएंगे
जो काम बाद में करना है वह अभी से.
कहां से लाएं अवधिया जी इतनी खतरनाक फोटो
धान के देश में
भाई बच्चे के भेष में ॥
एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं
jabardast !
बच्चे के हाथ में छूरा- बहुत गलत बात है।
आईए "ब्रह्माण्ड भैंस सुंदरी प्रतियोगिता" में
पोज़ बढ़िया है...लेकिन केवल फोटो खिंचाने तक ही ..
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