प्रस्तुत हैं हिन्दी की कुछ लोकोक्तियाँ तथा मुहावरे और उनके अर्थ। उनके अर्थ मैंने अपनी अल्पबुद्धि के अनुसार बनाए हैं और उनमें त्रुटि की सम्भावना है अतः यदि आपको त्रुटियाँ नजर आएँ तो कृपया टिप्पणी करके सही अर्थ बताने का कष्ट करें।
चींटी की मौत आती है तो उसके पर निकलने लगते हैं
अर्थः घमंड करने से नाश होता है।
चील के घोसले में मांस कहाँ
अर्थः दरिद्र व्यक्ति क्या बचत कर सकता है?
चुड़ैल पर दिल आ जाए तो वह भी परी है
अर्थः पसंद आ जाए तो बुरी वस्तु भी अच्छी ही लगती है।
चुल्लू़ भर पानी में डूब मरना
अर्थः शर्म से डूब जाना।
चुल्लू-चुल्लू साधेगा, दुआरे हाथी बाँधेगा
अर्थः थोड़ा-थोड़ा जमा करके अमीर बना जा सकता है।
चूल्हे की न चक्की की
अर्थः किसी काम न होना।
चूहे का बच्चा बिल ही खोदता है
अर्थः स्वभाव नहीं बदलता।
चूहे के चाम से कहीं नगाड़े मढ़े जाते हैं
अर्थः अपर्याप्त।
चूहों की मौंत बिल्ली का खेल
अर्थः दूसरे को कष्ट देकर मजा लेना।
चोट्टी कुतिया जलेबियों की रखवाली
अर्थः चोर को रक्षा करने के कार्य पर लगाना।
चोर के पैर नहीं होते
अर्थः दोषी व्यक्ति स्वयं फँसता है।
चोर-चोर मौसेरे भाई
अर्थः एक जैसे बदमाशों का मेल हो ही जाता है।
चोर-चोरी से जाए, हेरा-फेरी से न जाए
अर्थः दुष्ट आदमी से पूरी तरह से दुष्टता नहीं छूटती।
चोर लाठी दो जने और हम बाप पूत अकेले
अर्थः शक्तिशाली आदमी से दो व्यक्ति भी हार जाते हैं।
चोर को कहे चारी कर और साह से कहे जागते रहो
अर्थः दो पक्षों को लड़ाने वाला।
चोरी और सीनाजोरी
अर्थः गलत काम करके भी अकड़ दिखाना।
चोरी का धन मोरी में
अर्थः हराम की कमाई बेकार जाती है।
चौबे गए छब्बे बनने, दूबे ही रह गए
अर्थः अधिक लालच करके अपना सब कुछ गवाँ देना।
छछूँदर के सिर में चमेली का तेल
चींटी की मौत आती है तो उसके पर निकलने लगते हैं
अर्थः घमंड करने से नाश होता है।
चील के घोसले में मांस कहाँ
अर्थः दरिद्र व्यक्ति क्या बचत कर सकता है?
चुड़ैल पर दिल आ जाए तो वह भी परी है
अर्थः पसंद आ जाए तो बुरी वस्तु भी अच्छी ही लगती है।
चुल्लू़ भर पानी में डूब मरना
अर्थः शर्म से डूब जाना।
चुल्लू-चुल्लू साधेगा, दुआरे हाथी बाँधेगा
अर्थः थोड़ा-थोड़ा जमा करके अमीर बना जा सकता है।
चूल्हे की न चक्की की
अर्थः किसी काम न होना।
चूहे का बच्चा बिल ही खोदता है
अर्थः स्वभाव नहीं बदलता।
चूहे के चाम से कहीं नगाड़े मढ़े जाते हैं
अर्थः अपर्याप्त।
चूहों की मौंत बिल्ली का खेल
अर्थः दूसरे को कष्ट देकर मजा लेना।
चोट्टी कुतिया जलेबियों की रखवाली
अर्थः चोर को रक्षा करने के कार्य पर लगाना।
चोर के पैर नहीं होते
अर्थः दोषी व्यक्ति स्वयं फँसता है।
चोर-चोर मौसेरे भाई
अर्थः एक जैसे बदमाशों का मेल हो ही जाता है।
चोर-चोरी से जाए, हेरा-फेरी से न जाए
अर्थः दुष्ट आदमी से पूरी तरह से दुष्टता नहीं छूटती।
चोर लाठी दो जने और हम बाप पूत अकेले
अर्थः शक्तिशाली आदमी से दो व्यक्ति भी हार जाते हैं।
चोर को कहे चारी कर और साह से कहे जागते रहो
अर्थः दो पक्षों को लड़ाने वाला।
चोरी और सीनाजोरी
अर्थः गलत काम करके भी अकड़ दिखाना।
चोरी का धन मोरी में
अर्थः हराम की कमाई बेकार जाती है।
चौबे गए छब्बे बनने, दूबे ही रह गए
अर्थः अधिक लालच करके अपना सब कुछ गवाँ देना।
छछूँदर के सिर में चमेली का तेल
11:14 AM
जी.के. अवधिया








6 टिप्पणियाँ:
सार्थक कहावतें
सच कहवते और मुहावरे हमारे जीवन के हर पहलुओ से जुडी हुई है
बहुत सार्थक कहावते!
सार्थक प्रस्तुति के लिए आभार
कई रोचक कहावतें पढ़ने को मिलीं।
आगे की प्रतीक्षा है..
सार्थक प्रस्तुति के लिए आभार
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