बाँझ का जाने प्रसव की पीड़ा
अर्थः पीड़ा को सहकर ही समझा जा सकता है।
बाड़ ही जब खेत को खाए तो रखवाली कौन करे
अर्थः रक्षक का भक्षक हो जाना।
बाप भला न भइया, सब से भला रूपइया
अर्थः धन ही सबसे बड़ा होता है।
बाप न मारे मेढकी, बेटा तीरंदाज़
अर्थः छोटे का बड़े से बढ़ जाना।
बाप से बैर, पूत से सगाई
अर्थः पिता से दुश्मनी और पुत्र से लगाव।
बारह गाँव का चौधरी अस्सी गाँव का राव, अपने काम न आवे तो ऐसी-तैसी में जाव
अर्थः बड़ा होकर यदि किसी के काम न आए, तो बड़प्पन व्यर्थ है।
बारह बरस पीछे घूरे के भी दिन फिरते हैं
अर्थः एक न एक दिन अच्छे दिन आ ही जाते हैं।
बासी कढ़ी में उबाल नहीं आता
अर्थः काम करने के लिए शक्ति का होना आवश्यक होता है।
बासी बचे न कुत्ता खाय
अर्थः जरूरत के अनुसार ही सामान बनाना।
बिंध गया सो मोती, रह गया सो सीप
अर्थः जो वस्तु काम आ जाए वही अच्छी।
बिच्छू का मंतर न जाने, साँप के बिल में हाथ डाले
अर्थः मूर्खतापूर्ण कार्य करना।
बिना रोए तो माँ भी दूध नहीं पिलाती
अर्थः बिना यत्न किए कुछ भी नहीं मिलता।
बिल्ली और दूध की रखवाली?
अर्थः भक्षक रक्षक नहीं हो सकता।
बिल्ली के सपने में चूहा
अर्थः जरूरतमंद को सपने में भी जरूरत की ही वस्तु दिखाई देती है।
बिल्ली गई चूहों की बन आयी
अर्थः डर खत्म होते ही मौज मनाना।
बीमार की रात पहाड़ बराबर
अर्थः खराब समय मुश्किल से कटता है।
बुड्ढी घोड़ी लाल लगाम
अर्थः वय के हिसाब से ही काम करना चाहिए।
बुढ़ापे में मिट्टी खराब
अर्थः बुढ़ापे में इज्जत में बट्टा लगना।
बुढि़या मरी तो आगरा तो देखा
अर्थः प्रत्येक घटना के दो पहलू होते हैं - अच्छा और बुरा।
हिन्दी कहावतें तथा लोकोक्तियाँ - 26 (Hindi Proverbs)
बूँद-बूँद से घड़ा भरता है
अर्थः थोड़ा-थोड़ा जमा करने से धन का संचय होता है।
बूढे तोते भी कही पढ़ते हैं
अर्थः बुढ़ापे में कुछ सीखना मुश्किल होता है।
बिल्ली के भागों छींका टूटा
अर्थः सौभाग्य।
बोए पेड़ बबूल के आम कहाँ से होय
अर्थः जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल मिलेगा।
भरी गगरिया चुपके जाय
अर्थः ज्ञानी आदमी गंभीर होता है।
भरे पेट शक्कगर खारी
अर्थः समय के अनुसार महत्व बदलता है।
भले का भला
अर्थः भलाई का बदला भलाई में मिलता है।
भलो भयो मेरी मटकी फूटी मैं दही बेचने से छूटी
अर्थः काम न करने का बहाना मिल जाना।
भलो भयो मेरी माला टूटी राम जपन की किल्लत छूटी
अर्थः काम न करने का बहाना मिल जाना।
भागते भूत की लँगोटी ही सही
अर्थः कुछ न मिलने से कुछ मिलना अच्छा है।
भीख माँगे और आँख दिखाए
अर्थः दयनीय होकर भी अकड़ दिखाना।
भूख लगी तो घर की सूझी
अर्थः जरूरत पड़ने पर अपनों की याद आती है।
भूखे भजन न होय गोपाला
अर्थः भूख लगी हो तो भोजन के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य नहीं सूझता।
भूल गए राग रंग भूल गई छकड़ी, तीन चीज़ याद रहीं नून तेल लकड़ी
अर्थः गृहस्थीं के जंजाल में फँसना।
भैंस के आगे बीन बजे, भैंस खड़ी पगुराय
अर्थः मूर्ख के आगे ज्ञान की बात करना बेकार है।
भौंकते कुत्ते को रोटी का टुकड़ा
अर्थः जो तंग करे उसको कुछ दे-दिला के चुप करा दो।
11:27 AM
जी.के. अवधिया








3 टिप्पणियाँ:
नाईस जी
आभार।
bahut sundar..
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