सिंह के वंश में उपजा स्यार
अर्थः बहादुरों की कायर सन्तान।
सिर फिरना
अर्थः उल्टी-सीधी बातें करना।
सीधे का मुँह कुत्ता चाटे
अर्थः सीधेपन का लोग अनुचित लाभ उठाते हैं।
सुनते-सुनते कान पकना
अर्थः बार-बार सुनकर तंग आ जाना।
सूत न कपास जुलाहे से लठालठी
अर्थः अकारण विवाद।
सूरज धूल डालने से नहीं छिपता
अर्थः गुण नहीं छिपता।
सूरदास की काली कमरी चढ़े न दूजो रंग
अर्थः स्वभाव नहीं बदलता।
सेर को सवा सेर
अर्थः बढ़कर टक्कर देना।
सौ दिन चोर के, एक दिन साह का
अर्थः चोरी एक न एक दिन खुल ही जाती है।
सौ सुनार की एक लोहार की
अर्थः सुनार की हथौड़ी के सौ मार से भी अधिक लुहार के घन का एक मार होता है।
हज्जाम के आगे सबका सिर झुकता है
अर्थः गरज पर सबको झुकना पड़ता है।
हड्डी खाना आसान पर पचाना मुश्किल
अर्थः रिश्वत कभी न कभी पकड़ी ही जाती है।
हर मर्ज की दवा होती है
अर्थः हर बात का उपाय है।
हराम की कमाई हराम में गँवाई
अर्थः बेईमानी का पैसा बुरे कामों में जाता है।
हर्रा लगे न फिटकरी रंग आए चोखा
अर्थः बिना कुछ खर्च किए काम बनाना।
हाथ सुमरनी पेट कतरनी
अर्थः ऊपर से अच्छा भीतर से बुरा।
हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और
अर्थः भीतर और बाहर में अंतर होना।
हाथी निकल गया दुम रह गई
अर्थः थोड़े से के लिए काम अटकना।
हिजड़े के घर बेटा होना
अर्थः असंभव बात।
होनहार बिरवान के होत चीकने पात
अर्थः अच्छे गुण आरम्भ में ही दिखाई देने लगते हैं।

6:51 PM
जी.के. अवधिया










6 टिप्पणियाँ:
सुंदर प्रयास। आज कल की पीढी को तो शायद यह भी पता नहीं कि कहावतें होती क्या हैं।
आभार।
बड़ा ही सुन्दर संग्रह।
लाजवाब.
उपयोगी पोस्ट।
विचार
हर मर्ज की दवा होती हैअर्थः हर बात का उपाय है ..
हराम की कमाई हराम में गँवाईअर्थः बेईमानी का पैसा बुरे कामों...
sahi hai ...abhaar
बड़ा ही सुन्दर संग्रह। धन्यवाद|
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