आँचल में सजा लेना कलियाँ जुल्फों में सितारे भर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले तब याद हमें भी कर लेना
आया था यहाँ बेगाना सा चल दूँगा कहीं दीवाना सा
दीवाने की खातिर तुम कोई इल्जाम न अपने सर लेना
रस्ता जो मिले अन्जान कोई आ जाए अगर तूफान कोई
अपने को अकेला जान के तुम आँखों में न आँसू भर लेना
फिल्म फिर वही दिल लाया हूँ का यह गाना मेरे पसंदीदा गीतों में से है। इसके गीतकार है मज़रूह सुल्तानपुरी और संगीतकार ओ.पी. नैयर!
सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (GK Q & A)
2 hours ago
6:24 PM
जी.के. अवधिया








4 टिप्पणियाँ:
बहुत सुन्दर गाना| धन्यवाद|
हमें भी अच्छा लगता है यह गीत।
बहुत खुबसूरत गीत याद दिलाया आपने । वाह...
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