Monday, June 13, 2011

क्या महत्वपूर्ण है - एक अरब बीस करोड़ लोगों का हित या एक करोड़ लोगों का स्वार्थ?

सन् 1942 में विख्यात निर्माता निर्देशक महबूब खान ने एक फिल्म बनाई थी "रोटी"। फिल्म का नायक लक्ष्मी दास (चन्द्रमोहन) लोगों को लूटकर सोने के रूप में बेहिसाब धन इकट्ठा कर लेता है। अपराधी के रूप में जब वह फँस जाता है तो वह भाग कर एक रेगिस्तान में चला जाता है जहाँ पर उसे पता चलता है कि उसके पास बेहिसाब सोना तो है किन्तु खाने के लिए एक रोटी तक नहीं है। उस फिल्म को अंग्रेज सरकार ने बैन कर दिया था क्योंकि उन्होंने स्पष्ट रूप से अनुभव कर लिया था कि फिल्म का हीरो लुटेरे अंग्रेजों का प्रतीक है।

अंग्रेज सरकार के द्वारा फिल्म रोटी को बैन करना उसमें निहित सन्देश को कुचल देना ही था। यह तो सभी जानते हैं कि अंग्रेज लुटेरे थे और उन्होंने हमारे देश को बुरी तरह से लूटा। उन लुटेरों का फिल्म रोटी को बैन कर देना तो समझ में आता है किन्तु हमारी आज की सरकार विदेशों में जमा किए गए लूट के धन को वापस देश में लाने की हर मुहिम को कुचल देने के लिए क्यों कटिबद्ध है? क्या आज की सरकार देश की समृद्धि और विकास नहीं चाहती? यदि विदेशों में जमा काले धन की विशाल राशि वापस देश में आ जाए तो क्या उस धन से करोड़ों देशवासियों का कल्याण नहीं होगा?

भारत के एक अरब इक्कीस करोड़ लोगों में से आखिर कितने लोग ऐसे होंगे जिन्होंने विदेशों में अपनी काली कमाई जमा कर रखी है? ऐसे लोगों की संख्या अधिक से अधिक एक करोड़ ही होगी। तो क्यों आज की सरकार भारत के एक अरब बीस करोड़ जनता के हित को अनदेखा कर उन एक करोड़ लोगों के स्वार्थ की चिन्ता कर रही है?

6 टिप्पणियाँ:

अन्तर सोहिल said...

शायद एक करोड क्या एक लाख ही होंगे और यही एक लाख में से कुछ सरकार बनें बैठे हैं।

प्रणाम

ajit gupta said...

अभी जो आंकडे आये है वे है अस्‍सी हजार। अस्‍सी हजार खाते हैं विदेशों में। ये तो अभी स्‍थापित हो चुका है लेकिन यदि इतने भी और हो तो अधिक से अधिक दो लाख लोगों के खाते हैं। लेकिन ये दो लाख लोग ही तो हमारे कर्ता-धर्ता हैं। इनके आगे बेचारी 121 करोड जनता की क्‍या बिसात?

Manpreet Kaur said...

जागरूक करता पोस्ट !मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है !
Latest Music
Latest Movies

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अभी कोई बुद्धजीवी कहेगा कि बाहर का बाद में लाना पहले घर के धन पर लगाम लगाओ.

प्रवीण पाण्डेय said...

काश, भारत की विजय हो।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

उसी एक करोड़ मे ही तो वे भी हैं जिन्होंने सरकार बना रखी है तो :-(

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | fantastic sams coupons