आप "अम्मा जी" को, जिनका "सास बहू" नामक ब्लोग है, भूले तो नहीं होंगे। "सास बहू" ब्लोग के प्रायः पोस्टों में महिला फिल्म कलाकार मनोरमा एक चित्र पाया जाता था -
(1963 में बनी फिल्म मुझे जीने दो में मनोरमा)
(1945 में एक तेलुगु फिल्म पत्रिका में छपा मनोरमा का चित्र)
मनोरमा वास्तव में एक मँजी हुई कलाकार हैं। मूलतः मनोरमा तमिल फिल्मों की कलाकार हैं जिन्होंने 1500 से अधिक फिल्मों में तथा 1000 से अधिक स्टेज शो में काम किया है। इसके अलावा उन्होंने कुछ टी.व्ही. सीरियल्स में भी काम किये हैं।
5:09 PM
जी.के. अवधिया











8 टिप्पणियाँ:
चन्द्रमुखी से ज्वालामुखी तक का सफ़र :)
बहुत अच्छी कलाकार हैं मनोरमा जी..
चेहरा सास के भाव से मिलता जुलता..
तोर जमाना के हिरवइन :)
हमने तो हमेशा सास के रूप में ही देखा
भावों को चेहरे पर उभारनें की क्षमता गज़ब की ..और साथ ही आवाज भी..........
एक अच्छी कलाकार
Post a Comment