Tuesday, February 21, 2012

"अम्मा जी" के ब्लोग "सास बहू" में पाया जाने वाला मनोरमा का चित्र

आप "अम्मा जी" को, जिनका "सास बहू" नामक ब्लोग है, भूले तो नहीं होंगे। "सास बहू" ब्लोग के प्रायः पोस्टों में महिला फिल्म कलाकार मनोरमा एक चित्र पाया जाता था -

खैर, हम यहाँ पर न तो अम्मा जी के बारे में कुछ कहने जा रहे हैं और न ही सास बहू पर। हम तो बात कर रहे हैं महिला फिल्म कलाकार मनोरमा की। सास बहू ब्लोग में लगे मनोरमा जी के चित्र तथा उनके द्वारा अभिनीत फिल्में जैसे कि "खानदान", "दस लाख", "सीता और गीता" आदि फिल्मों की यादें हमें मनोरमा के एक हँसोड़ किन्तु क्रूर महिला होने का आभास कराती हैं। किन्तु आप मनोरमा के निम्न दो चित्रों को भी देखिए और बताइये कि इन चित्रों को देखकर क्या आभास होता है -
(1963 में बनी फिल्म मुझे जीने दो में मनोरमा)

(1945 में एक तेलुगु फिल्म पत्रिका में छपा मनोरमा का चित्र)

मनोरमा वास्तव में एक मँजी हुई कलाकार हैं। मूलतः मनोरमा तमिल फिल्मों की कलाकार हैं जिन्होंने 1500 से अधिक फिल्मों में तथा 1000 से अधिक स्टेज शो में काम किया है। इसके अलावा उन्होंने कुछ टी.व्ही. सीरियल्स में भी काम किये हैं।

8 टिप्पणियाँ:

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

चन्द्रमुखी से ज्वालामुखी तक का सफ़र :)

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत अच्छी कलाकार हैं मनोरमा जी..

प्रवीण पाण्डेय said...

चेहरा सास के भाव से मिलता जुलता..

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

तोर जमाना के हिरवइन :)

Vivek Rastogi said...

हमने तो हमेशा सास के रूप में ही देखा

Archana said...
This comment has been removed by the author.
Archana said...

भावों को चेहरे पर उभारनें की क्षमता गज़ब की ..और साथ ही आवाज भी..........

नवज्योत कुमार said...

एक अच्छी कलाकार

 
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