Wednesday, February 29, 2012

क्या यह इन्द्रजाल है या काला जादू या कुछ और?

भ्रष्टाचार का खुलासा हो जाता है। भ्रष्टाचारी पर आरोप लग जाता है, सजा तो खैर जब होगी तब होगी (या होगी भी या नहीं) क्योंकि हमारे देश में न्यायालय द्वारा निर्णय देने में कितना वक्त लगता है यह आप सभी जानते हैं, हाँ आरोप अवश्य लग जाता है। पर किसी भी भ्रष्टाचार के दौरान रिश्वत में ली गई राशि कहाँ जाती है यह कभी पता नहीं चलता। क्यों? क्या यह इन्द्रजाल है या काला जादू या कुछ और?

क्या कोई बता सकता है कि स्वतन्त्रता प्राप्ति से लेकर आज तक जितने भी घोटाले हुए हैं उनकी राशि कहाँ गई? आसमान खा गया या जमीन निगल गई?

और सबसे मजे की बात तो यह है कि घोटाले में गायब हुई राशि के बारे में कोई भी किसी प्रकार का सवाल नहीं उठाता, न जाँच आयोग को इसकी फिक्र होती है न जाँच करने वाली संस्था को, यहाँ तक कि मीडिया भी कभी इस पर कोई सवाल नहीं उठाती।

हम तो समझते थे कि "इन्द्रजाल" या "काला जादू" विलुप्त विद्याएँ है पर लगता है कि ऐसा नहीं है, इनके जानकार आज भी मौजूद हैं जो भ्रष्टाचार में प्रयुक्त रिश्वत की राशि को ऐसे गायब कर देते हैं जैसे कि "गधे के सिर से सींग"!

क्या खयाल है आपका इस बारे में!

5 टिप्पणियाँ:

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

क्या न्यायलय, क्या सर्कार क्या प्रशासन, जब मूर्ख जनता की आँखों में धुल झोंक विदेशों में ले जा रहे है ! लालू के बेटियाँ स्विट्जरलैंड से एमबीए करती है, वहा उनका खर्च किसने उठाया , सब इसी धन की माया है !

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

यह इन दोनों का संगम है!

प्रवीण पाण्डेय said...

काला जादू ही है, सब गायब...

वाणी गीत said...

सोचने की बात तो है !

दिलबाग विर्क said...

आपकी पोस्ट चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
http://charchamanch.blogspot.com
चर्चा मंच-805:चर्चाकार-दिलबाग विर्क>

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes | fantastic sams coupons