रामरामसा जी. के. अवधिया जी, आपको भी रामनवमी की शुभकामनाएँ! मैँ कुछ दिनोँ सेँ आपका चिट्ठा पढ़ रहा हूँ। बहुत अच्छा है। मैँ हिन्दी का उपासक हुँ, और मुझे खुःशी है कि आप जेसे हिन्दी भक्तोँ की कृपा सेँ हमारी हिन्दी को नई उचाईयाँ मिली हैँ। आपको बहुत धन्यवाद और बधाई।
समस्त जन को प्रिय लगने वाले, रणभूमि में धैर्य बनाये रखने वाले, कमल के समाना नैनों वाले, रघुवंश के स्वामी, करुणा के साक्षात रूप तथा करुणा करने वाले श्री रामचन्द्र का मैं शरणागत हूँ।
मैं एक संवेदनशील, सादे विचार वाला, सरल, सेवानिवृत व्यक्ति हूँ। मुझे अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व है। आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है।
4 टिप्पणियाँ:
रामरामसा जी. के. अवधिया जी, आपको भी रामनवमी की शुभकामनाएँ!
मैँ कुछ दिनोँ सेँ आपका चिट्ठा पढ़ रहा हूँ। बहुत अच्छा है। मैँ हिन्दी का उपासक हुँ, और मुझे खुःशी है कि आप जेसे हिन्दी भक्तोँ की कृपा सेँ हमारी हिन्दी को नई उचाईयाँ मिली हैँ।
आपको बहुत धन्यवाद और बधाई।
sir ji, ager aap is shlok ko saral me bhi likh dete to mere liye achcha hota.
@ MD. SHAMIM
पोस्ट में उल्लिखित श्लोक का अर्थ है
समस्त जन को प्रिय लगने वाले, रणभूमि में धैर्य बनाये रखने वाले, कमल के समाना नैनों वाले, रघुवंश के स्वामी, करुणा के साक्षात रूप तथा करुणा करने वाले श्री रामचन्द्र का मैं शरणागत हूँ।
आपको भी ढेरों शुभकामनायें..
Post a Comment