धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
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Tuesday, April 13, 2010
मेरी ईपुस्तक का रिव्ह्यू श्री समीर लाल 'समीर' के द्वारा
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मैं आभारी हूँ श्री समीर जी का जिन्होंने मेरी ईपुरस्तक "अंग्रेजी कहावतें हिन्दी भावार्थ" पर रिव्ह्यू लिख कर मेरी ईपुस्तक के विषय मे...
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Thursday, March 11, 2010
व्यथा बड़े गुरूजी की
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चेलों ने परेशान कर रखा है बड़े गुरूजी को। सारे चेले उनके ऊपर "मान ना मान मैं तेरा मेहमान" बन कर पिल पड़े हैं। रोज ऐसा पोस्ट लिख देत...
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Tuesday, March 9, 2010
ये बुड्ढा तो सठियाने की सीमा पार कर गया है
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सठियाने की भी एक सीमा होती है पर ये बुड्ढा तो सठियाने की सीमा पार कर गया है। कब्र में पाँव लटकाये बैठा है पर ब्लोगिंग का शौक नहीं गया। है त...
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