धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Showing posts with label
जीवन शैली
.
Show all posts
Showing posts with label
जीवन शैली
.
Show all posts
Monday, May 9, 2011
हम भारतवासी इतने भी कृतघ्न नहीं हैं कि.....
›
अब साल में कम से कम एक दिन तो ऐसा आता है जिस दिन 'मदर' भी खुश रहती है और 'सन्स' एण्ड 'डाटर्स' भी। नहीं तो साल भर तो ...
3 comments:
Thursday, May 5, 2011
अच्छा बनना चाहते हो तो पहले विशिष्ट बनो
›
अंग्रेजी की एक लोकोक्ति हैः You don't have to be different to be good. You have to be good to be different. अर्थात् "अच्छा...
9 comments:
Wednesday, May 4, 2011
गूगल अर्थ में आभासी पर्यटन (Virtual Tour)
›
किसी स्थान का चित्र मात्र देख लेने से वह सन्तुष्टि नहीं होती जो उस स्थान में घूमकर प्रत्यक्ष रूप में उसे देखने से होता है। लोग प्रायः किसी स...
6 comments:
Tuesday, May 3, 2011
दिल्ली जाना - रोजमर्रा की जिन्दगी से अलग होना
›
दिल्ली जाने के लिए आमंत्रण और निमंत्रण दोनों ही बहुत पहले से ही मिले हुए थे। उहापोह में था कि दिल्ली जाऊँ या न जाऊँ। भीषण गर्मी में 1383 कि...
10 comments:
Thursday, April 28, 2011
एक ब्लोगर होने के नाते क्या आपने कभी सोचा है कि पाठक क्या चाहता है?
›
जिस प्रकार से टीवी चैनल्स वाले सीरियल्स बनाते समय इस बात का पूरा-पूरा ध्यान रखते हैं कि उनके दर्शक क्या देखना चाहते हैं, उसी प्रकार से एक ब्...
8 comments:
›
Home
View web version