धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
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Monday, May 10, 2010
प्रसन्नता की बात है कि हम ब्लोगर्स को माया नहीं व्यापती!
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माया याने कि धन याने कि रुपया! हर किसी को व्यापती है यह, हर कोई दीवाना है इसका और हर कोई भाग रहा है इसके पीछे। सभी को सिर्फ यही चिन्ता खात...
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