धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Showing posts with label
पॉप-अप
.
Show all posts
Showing posts with label
पॉप-अप
.
Show all posts
Sunday, May 2, 2010
खोलो रेल्वे की साइट को और झेलो पॉप-अप विज्ञापनों को
›
पता नहीं आप लोगों को आती है या नहीं पर मुझे पॉप-अप विज्ञापनों से बड़ी खुन्दक आती है और गुस्सा तब और बढ़ जाता है जब ये पॉप-अप विज्ञापन अधिकतर उ...
9 comments:
›
Home
View web version