धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
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Monday, December 28, 2009
जब छोटे अपने से बड़ों पर भड़क उठते हैं
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हम लोगों में कम से कम इतनी मर्यादा तो कायम है कि आज भी छोटे अपनों से बड़ों का लिहाज करते हैं। यदि किसी को अपने से बड़े पर किसी कारणवश क्रोध आ ...
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