धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

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Monday, September 7, 2009

क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को दो लात

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सबेरे की चाय पीने के बाद कम्प्यूटर चालू करके एक दो टिप्पणी की ही थी कि मित्र महोदय आ पहुँचे। कानों में इयरफोन ठुँसा हुआ था। चेहरे पर मग्नता ...
17 comments:
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