धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

Monday, May 19, 2008

हमारे देश के अग्रणी संस्थान की हिन्दी?

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यदि आप इसे पूरा पूरा पढ़ सकते हैं तो आपसे निवेदन है कि कृपया मुझे भी बताने का कष्ट करें कि क्या लिखा है भारतीय स्टेट बैंक की हिन्दी वेबसाइ...
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जुतियाना

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यह तो हम सभी जानते हैं कि राजनीति, खास करके आज के जमाने की राजनीति, और जुतियाने में चोली दामन का सम्बन्ध है। जिस नेता के पास जुतियाने वाले च...
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Sunday, May 18, 2008

न बोलते हुये भी बहुत कुछ बोलते हैं हम

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बोलना क्या है? भावों तथा विचारों की अभिव्यक्ति। किन्तु भावों तथा विचारों को अभिव्यक्त करने के लिये मुँह से बोलना ही केवल एक माध्यम नहीं है। ...
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Saturday, May 17, 2008

हिन्दी ब्लोग्स से कमाई का एक और उपाय

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हिन्दी ब्लोग्स में एडसेंस विज्ञापनों को क्या हुआ? पिछले एक-दो दिनों से मैं देख रहा हूँ कि हिन्दी ब्लोग्स में गूगल के सिर्फ सार्वजनिक सेवा वि...
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Friday, May 16, 2008

एक अचम्भा हमने देखा

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किसी एक की चार-पाँच मिलकर खूब कुटाई करें, दे घूँसे पे घूँसा, दे लात पे लात कि सामने वाला अधमरा हो कर गिर जाये, तुर्रा यह कि बावजूद अधमरा होक...
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