धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, November 22, 2008
यदि कम्प्यूटर के हार्डड्राइव्ह्स न खुलें तो...
›
"मेरे कम्प्यूटर के हार्डड्राइव्ह्स नहीं खुल रहे हैं।" कल मेरे एक परिचित ने आकर मुझसे कहा, "क्या आप इसे ठीक कर सकते हैं?"...
Monday, November 17, 2008
हमने भी खोल लिया अपना आनलाइन ई-बुक स्टोर
›
बहुत दिनों से जानने की इच्छा थी कि क्या वाकइ आनलाइन स्टोर से कुछ कमाया जा सकता है? इसीलिये आज से हमने भी अपना एक आनलाइन ई-बुक स्टोर खोल लिय...
1 comment:
Saturday, November 15, 2008
ये चंदा रूस का ना ये जापान का
›
ये चंदा रूस का ना ये जापान का ना ये अमरीकन प्यारे ये तो है हिन्दुस्तान का ! जी हाँ, भारत का पहला मानव रहित अंतरिक्ष यान, चंद्र...
2 comments:
Monday, November 10, 2008
आखिर हिन्दी ब्लोग्स सामान्य पाठकों को कब आकर्षित करेंगे?
›
हिन्दी ब्लोग्स की टिप्पणियों को पढ़ कर यही प्रतीत होता है कि को आज भी केवल हिन्दी ब्लोगर्स ही एक दूसरे के ब्लोग्स को पढ़ते हैं। सामान्य पाठकों...
9 comments:
Saturday, November 8, 2008
लिख ले बेटा जो कुछ भी लिखना है! पर कोई पढ़ेगा तब ना?
›
बहुत दिन हो गये कुछ लिखे हुये। सोचा कुछ लिख लिया जाये। पर सूझ नहीं रहा था कि क्या लिखूँ। भीतर से आवाज आ रही थी कि लिख ले बेटा जो कुछ भी लिखन...
12 comments:
‹
›
Home
View web version