धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Thursday, December 25, 2008
हमें गलतफहमी (misunderstanding) से बचना है
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ज्ञानदत्त जी के पोस्ट "वर्तमान पीढ़ी और ऊब" के प्रतिक्रियास्वरूप लिखे गये कुछ पोस्ट मैने पढ़े ( ज्ञानदत्त जी से प्रेरित...
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Tuesday, December 23, 2008
मेरे ब्लॉग की पाठक संख्या क्यों कम है?
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और किसी के मन में यह प्रश्न उठे या न उठे पर मेरे मन में तो प्रायः ही यह प्रश्न उठता है कि मेरे ब्लॉग की पाठक संख्या क्यों कम है? मैं यह समझत...
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Saturday, December 20, 2008
हिन्दी ब्लोग्स में एडसेंस विज्ञापन क्यों बंद हो गये
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कल " शास्त्री जी कहते हैं " पोस्ट पर नजर पड़ गई। उसमें की गई टिप्पणियों को पढ़ने से लगा कि बहुत से लोग एडसेंस ...
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Friday, December 19, 2008
मानो या ना मानो
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या आप बता सकते हैं कि भारत का यह चित्र किस वस्तु से बना है ? आप सोच रहे होंगे कि ये ड्राइंग पेपर या प्लास्टिक के बना होगा। जी ...
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Wednesday, December 17, 2008
हमको जो कोई बूढ़ा समझे बूढ़ा उसका बाप
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भाई अगर हम आप लोगों से कुछ साल पहले इस दुनियाँ में आ गये तो इसका मतलब यह तो नहीं हुआ कि आप हमें बूढ़ा बोलें। और यदि बोलते हैं तो बोलते रहिये ...
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