धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Friday, June 26, 2009
सन् 1905 में छपा हिन्दी लेख
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संसार की अन्य भाषाओं की तुलना में हमारी भाषा हिन्दी की उम्र सबसे कम है अर्थात् मात्र लगभग चार सौ साल जबकि अन्य सभी भाषाएँ कई हजारों साल पुरा...
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Tuesday, June 23, 2009
कम्प्यूटर के छलावे
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कम्प्यूटर अनेकों बार हमारी आँखों को कैसे धोखा देता है यह इन चित्रों को देखने से समझ में आता है। (चित्रों को बड़ा करके देखने के लिये उन पर क्ल...
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Monday, June 22, 2009
लिखना हमें आता नहीं अरु बन गये ब्लोगरदास
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चलिये आज मैं अपना किस्सा बता ही दूँ। किस्से का सारांश है आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास। लिखना हमें आता नहीं अरु बन गये ब्लोगरदास॥ अब उपरोक्...
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Thursday, May 28, 2009
तरस जाओगे भीख देने के लिये यदि हम मांगने न आयें तो
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"कुछ दे दो बाबा, भगवान आपका भला करेगा।" मेरे पास आकर वो बोला। अच्छा खासा जवान आदमी था, किसी प्रकार की शारीरिक अपंगता भी न थी। ...
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Monday, May 11, 2009
देवनागरी लिपि - पूर्णतः वैज्ञानिक लिपि
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शायद आपको पता होगा कि हमारी हिन्दी की वर्णमाला, वास्तव में देवनागरी वर्णमाला, पूर्णतः वैज्ञानिक है। वर्ण या अक्षर ध्वनि को प्रदर्शित करने वा...
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