धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, November 14, 2009
खाना पसंद न आये तो क्राकरी-चम्मच मत पटकना
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बात बहुत पुरानी है। एक बार बनवारी लाल जी को किसी काम से इंग्लैंड जाना पड़ा। काम जरूरी था अतः वहाँ पहुँचते ही बिना कुछ खाये पिये काम में लग गय...
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Friday, November 13, 2009
मुझे मिले ब्लोगवाणी पसंद ने फूलकर कुप्पा कर दिया मुझे ... पर क्या यह वास्तव में खुशी की बात है?
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यह तो अब सभी जानते हैं कि आज सुबह के मेरे पोस्ट "एक ब्लोगवाणी पसंद का सवाल ..." को बहुत ज्यादा पसंद मिली। क्यों? क्योंकि अधिकतर ...
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एक ब्लोगवाणी पसंद का सवाल है बाबा ... जो दे उसका भी भला जो न दे उसका भी भला
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कल हमने भेजे याने कि खोपड़ी पर लिखने के लिये खूब खोपड़ी खपाया, उसे लिखने के लिये दो घंटे की मशक्कत के बदले सिर्फ छः ब्लोगवाणी पसंद ही पाया...
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Thursday, November 12, 2009
विचित्र वस्तु है आपका मस्तिष्क याने कि दिमाग याने कि खोपड़ी याने कि भेजा
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आपका मस्तिष्क याने कि दिमाग याने कि खोपड़ी याने कि भेजा वास्तव में विचित्र वस्तु है। बड़े कमाल का बनाया है ईश्वर ने इसको। अब देखिये ना, आपको...
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Wednesday, November 11, 2009
क्या वो भूत था या महज एक भ्रम? (अन्तिम भाग)
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मेरे किस्से को सुनकर सुब्रमणियम साहब ने कहा, "अवधिया! आई हैव नॉट टोल्ड यू मॉय एक्पीरियंस, आय हैव गॉन थ्रू सम पीक्युलियर फीलिंग्स इन दिस...
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