धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, January 2, 2010
हिन्दी को बढ़ावा देना है तो गूगल की 'है बातों में दम?' प्रतियोगिता में बढ़-चढ़ कर भाग लें ... मैंने वहाँ 100 लेख दिये हैं आप मुझसे भी ज्यादा दें
›
क्या आप जानते हैं कि आपका कितना महत्व है? जी हाँ आपका बहुत महत्व है क्योंकि आपके लेख बहुत महत्वपूर्ण हैं। आपके लेखों में इतनी शक्ति है कि ये...
12 comments:
Friday, January 1, 2010
कर दिया ना कबाड़ा इस नये साल ने ... हमारा तो हेडर ही गायब हो गया
›
नया साल आ गया! खुशी के साथ हम अपना ब्लॉग में गये किन्तु यह क्या? यहाँ तो हमारा हेडर ही गायब है। इस नये साल ने हमें हमारे ब्लॉग का हेडर गायब ...
19 comments:
Thursday, December 31, 2009
आइये कामना करें कि नया साल ब्लोगिंग से कमाई का हो
›
सुबह को खोजते शाम और शाम को खोजते सुबह आती रही। समय बीतता रहा और इस प्रकार से एक और साल बीत चला। आखरी दिन है इस साल का आज। देखते ही देखते रा...
18 comments:
Wednesday, December 30, 2009
एक कहानी बता रहा हूँ ... यदि इससे भी न सीखे तो कुछ भी नहीं सीखे
›
यह उस व्यक्ति की कहानी हैः 1832 में जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी और वे राज्य विधानसभा (state legislature ) में हार गये 1833 में जि...
19 comments:
Tuesday, December 29, 2009
अब दादी मरेगी तब मजा आयेगा
›
कल रात घर पहुँचा तो पता चला कि पड़ोस के सेवानिवृत वृद्ध डॉक्टर साहब की श्रीमती जी का देहान्त हो गया था। उस समय तक वे लोग अग्नि संस्कार करके भ...
16 comments:
‹
›
Home
View web version