धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, February 20, 2010
परेशान कर डाला था फायरफॉक्स के अपग्रेडेशन ने ... ब्लोग्स को खुलने ही नहीं देता था
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रोज की तरह कम्प्यूटर खोलने के बाद हमने फायरफॉक्स ब्राउसर के एक टैब में अपना ब्लोगर खाता खोला ताकि देख पायें कि जिन ब्लॉग्स को हम फॉलो करते ह...
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झलक रहा लालित्य ललित का
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मैं बात कर रहा हूँ ललित शर्मा जी के लालित्य की। कोई और ललित नहीं बल्कि हमारे ही ब्लोगर मित्र ललित शर्मा जी की! उनके माता पिता ने न जाने क्...
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Friday, February 19, 2010
प्रियतम तो परदेस बसे हैं, नयन नीर बरसाये रे
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नीर अर्थात् सलिल, नीरद, नीरज, जल या पानी! यह नीर कभी नयन से बरसता है तो कभी मेघ से बरसता है। नयन से नीर जहाँ गम में बरसता है वहीं खुशी में भ...
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Thursday, February 18, 2010
मोहे रहि रहि मदन सतावै, पिया बिना नींद नहि आवै
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नींद नहि आवै पिया बिना नींद नहि आवै। मोहे रहि रहि मदन सतावै पिया बिना नींद नहि आवै॥ सखि लागत मास असाढ़ा, मोरे प्रान परे अति गाढ़ा, अरे वो तो ब...
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Wednesday, February 17, 2010
ब्लोगवाणी लिंक क्यों काम नहीं कर रहा? ... क्या आप कुछ सहायता कर सकते हैं?
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पहले मैं अपने "धान के देश में" , "संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण" आदि ब्लॉग्स में प्रविष्टि करने के बाद ज्योंही ब्लोगवाणी लो...
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