धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

Saturday, May 8, 2010

याद आता है वो गर्मी के दिनों में आँगन में हाथ पंखा डुलाते हुए सोना

›
आज तो गर्मी के दिनों में हम बंद कमरे में कूलर चलाकर मस्त खर्राटे लेते हैं किन्तु कभी वो दिन भी थे जब ग्रीष्म ऋतु में आँगन में खाट डालकर हाथ ...
8 comments:
Friday, May 7, 2010

महाकवि भास का प्रसिद्ध नाटक स्वप्नवासवदत्ता

›
स्वप्नवासवदत्ता महाकवि भास की अमर एवं प्रसिद्ध रचना है। प्रस्तुत है इस नाटक की कथावस्तुः संस्कृत नाटक स्वप्नवासवदत्ता के नायक पुरुवंशीय रा...
11 comments:
Thursday, May 6, 2010

यदि आप सफलता चाहते हैं तो आपको कष्टों को अपनाना ही होगा

›
यदि आप सफलता चाहते हैं तो आपको कष्टों को अपनाना ही होगा। स्मरण रखें कि प्रत्येक सफल व्यक्ति की एक कष्टमय कहानी होती है और प्रत्येक कष्टमय कह...
12 comments:
Wednesday, May 5, 2010

गधा, कुत्ता, बन्दर और मनुष्य

›
ब्रह्मा जी ने प्राणियों का निर्माण करना आरम्भ किया। सबसे पहले उन्होंने गधा बनाया और उससे कहा, "तुम गधे हो। तुम घास खाओगे और सुबह से शाम...
16 comments:
Tuesday, May 4, 2010

नापसन्द बटन याने कि बन्दर के हाथ में उस्तरा

›
कितना लिखें इस नापसन्द के बारे में? अब तो इस विषय में लिखने के लिये हमारी लेखनी भी सकुचाती है। वैसे भी नापसन्द के विषय में बहुत से लोगों के ...
23 comments:
‹
›
Home
View web version

मेरे बारे में -

  • Admin
  • Unknown
Powered by Blogger.