धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, August 14, 2010
14 अगस्त - आज के दिन ही देश के टुकड़े हुए थे
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विभाजन पूर्व भारत (चित्र नेशनल ज्योग्रफिक से साभार) विभाजन पश्चात् भारत ( चित्र स्रोतः http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00m...
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Friday, August 13, 2010
हिन्दू-मुस्लिम में परस्पर प्रेम और सौहार्द्र
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इतिहास गवाह है कि हिन्दू-मुस्लिम में परस्पर प्रेम और सौहार्द्र हमेशा था और आज भी है! इस प्रेम और सौहार्द्र का एक बेमिसाल मिसाल देते हुए आचार...
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Thursday, August 12, 2010
क्या हिन्दी ब्लोग्स कभी व्यावसायिक हो पाएँगे?
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ब्लोग याने कि वेबलॉग की शुरुवात हुई थी निजी किन्तु सार्वजनिक दैनन्दिनी के रूप में। अंग्रेजी ब्लोग्स की बात करें तो यह कहा जा सकता है बहुत ही...
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Wednesday, August 11, 2010
साग-सब्जी-तरकारी-भाजी
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सोच रहा हूँ कि आज क्या लिखूँ अपने पोस्ट में? कुछ भी नहीं सूझ रहा है और खीझ रहा हूँ खुद पर। क्या हर रोज कुछ ना कुछ लिखना जरूरी है? न लिखूँ तो...
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Tuesday, August 10, 2010
टोनही मंत्र सिद्ध करने का दिन - हरेली
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अमावस की घोर अंधेरी रात! घोर अंधेरा! नदी के उस पार श्मशान में बार-बार बंग-बंग करके जलती-बुझती कोई चीज! छत्तीसगढ़ में शायद ही कोई ऐसा व्यक्त...
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