धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, October 9, 2010
ब्लोग या वेबसाइट बनाने का क्या उद्देश्य होना चाहिए?
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प्रायः लोग अपना ब्लोग या वेबसाइट बनाते हैं। कोई भी कार्य बिना उद्देश्य के नहीं होता, अतः ब्लोग या वेबसाइट बनाने का भी कुछ न कुछ उद्देश्य अवश...
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Friday, October 8, 2010
सत्तर की उम्र और नटनी से आशनाई
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लेखक – आचार्य चतुरसेन गुलाबजान के एक और चाहनेवाले थे, नवाब मुज़फ्फरबेग, जो नवाब बल्लभगढ़ के नाम से मशहूर थे। बल्लभगढ़ मुक्तेसर की पूर्वी दिश...
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Thursday, October 7, 2010
"सही शब्दों का प्रयोग" या "शब्दों का सही प्रयोग"?
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विचित्र होते हैं ये शब्द भी। प्रयोग के अनुसार सामने वाले को मोह सकते हैं तो कभी अर्थ का अनर्थ बनाकर भड़का भी सकते हैं। लखनवी शैली में यदि युव...
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Wednesday, October 6, 2010
मारो स्साले को जूता... याने कि जुतियाना
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किसी को जुतियाने का चलन एक लम्बे काल से चला आ रहा है। यद्यपि आज के जमाने में अनेक प्रकार के हथियार उपलब्ध हैं किन्तु एक हथियार के रूप में जू...
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Tuesday, October 5, 2010
खाना तो वो होता है जिसे देखकर ही मुँह में पानी आ जाए
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पूरन पूरी हो या दाल बाटी, तंदूरी रोटी हो या शाही पुलाव, पंजाबी खाना हो या मारवाड़ी खाना, जिक्र चाहे जिस किसी का भी हो रहा हो, केवल नाम सुनने...
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