धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, December 4, 2010
क्या हम अपने अतीत से शिक्षा लेते हैं?
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सन् 712 में मोहम्मद-बिन-कासिम बिलोचिस्तान की विस्तृत मरुभूमि को पार करके सिन्ध तक चला आया। केवल बीस वर्ष आयु वाले उस लुटेरे के मात्र छः हजार...
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Thursday, December 2, 2010
कितनी तेजी से बदला है जमाना
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अधिक नहीं, मात्र चालीसेक साल पहले हमारे समाज में स्टील के बर्तनों में खाना खाने को अकरणीय माना जाता था। जहाँ सम्पन्न परिवारों में सोने-चाँदी...
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Wednesday, December 1, 2010
गद्य की विधाएँ - उपन्यास
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उपन्यास हिन्दी गद्य की विधाओं में से एक प्रमुख विधा है। उपन्यास का अर्थ है प्रस्तुत करना। उपन्यास लेखक अपने उपन्यास के पात्रों के चरित्र-चि...
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Tuesday, November 30, 2010
क्या आर्य जाति ने सिन्धु घाटी सभ्यता पर आक्रमण करके उसे विनष्ट किया था?
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पश्चिमी विद्वानों का मत है कि आर्यों का एक समुदाय भारत मे लगभग 2000 इस्वी ईसा पूर्व आया। इन विद्वानों की कहानी यह है कि आर्य इण्डो-यूरोपियन ...
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Monday, November 29, 2010
हम ब्लोगर इसलिए हैं क्योंकि हममें लेखन प्रतिभा है
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ईश्वर ने हमें अपने विचारों को लेखनीबद्ध करने कि प्रतिभा दी है इसीलिए हम ब्लोगर हैं। जाने कितने ही लोग हैं जो चाहकर भी अपने विचारों को कागज प...
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