धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Thursday, December 30, 2010
अमर शहीद ऊधम सिंह
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"मैं परवाह नहीं करता, मर जाना कोई बुरी बात नहीं है। क्या फायदा है यदि मौत का इंतजार करते हुए हम बूढ़े हो जाएँ? ऐसा करना कोई अच्छी बात नह...
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Wednesday, December 29, 2010
हिन्दी कहावतें तथा लोकोक्तियाँ - 6 (Hindi Proverbs)
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प्रस्तुत हैं हिन्दी की कुछ लोकोक्तियाँ तथा मुहावरे और उनके अर्थ। उनके अर्थ मैंने अपनी अल्पबुद्धि के अनुसार बनाए हैं और उनमें त्रुटि की सम्भा...
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Monday, December 27, 2010
हम कुछ भी तो नहीं कर सकते
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पिछले डेढ़ दो साल के भीतर पेट्रोलियम उत्पादों के दाम चार बार बढ़े। पर हम क्या कर सकते हैं? हम कुछ भी तो नहीं कर सकते। दाल न मिलने पर आदमी ...
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Saturday, December 25, 2010
विश्व-साहित्य की प्रमुखतम कृति - रामायण
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जरा कल्पना करें कि आपने कभी कोई रचना नहीं पढ़ी है और आपके पास किसी प्रकार का सन्दर्भ नहीं है। ऐसी स्थिति में क्या आप कुछ लिख पाएँगे? वाल्मीकि...
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Friday, December 24, 2010
तुम क्यों लिखते हो?
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पोस्ट का शीर्षक मेरा अपना नहीं है बल्कि रामाधारी सिंह 'दिनकर' जी की एक कविता का है। पता नहीं दिनकर जी ने अपनी कविता में यह प्रश्न कि...
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