धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, January 8, 2011
हर किसी को दूसरे की थाली में ज्यादा घी नजर आता है
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आप हों या मैं, प्रायः हम सब को लगता है कि सामने वाला बहुत मजे में है और मैं हूँ कि परेशानी पीछा ही नहीं छोड़ती। पुरानी कहावत भी है "हर क...
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Wednesday, January 5, 2011
ठण्ड से ठिठुराता हुआ शिशिर
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प्रकृति ने भाँति-भाँति के पुष्पों से अपना श्रृंगार कर लिया है। भारतवर्ष के प्रहरी हिमालय के क्षेत्रों में गिरे हुए हिमकणों ने हिमशिला का रूप...
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Monday, January 3, 2011
महमूद का अभियान
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लेखकः आचार्य चतुरसेन महमूद ने गुजरात पर चढ़ाई तो अवश्य की और सोमनाथ को भंग भी किया, गुजरात और सोमनाथ को लूटा भी, फिर भी उसने अपनी सत्ता हिन...
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Thursday, December 30, 2010
अमर शहीद ऊधम सिंह
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"मैं परवाह नहीं करता, मर जाना कोई बुरी बात नहीं है। क्या फायदा है यदि मौत का इंतजार करते हुए हम बूढ़े हो जाएँ? ऐसा करना कोई अच्छी बात नह...
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Wednesday, December 29, 2010
हिन्दी कहावतें तथा लोकोक्तियाँ - 6 (Hindi Proverbs)
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प्रस्तुत हैं हिन्दी की कुछ लोकोक्तियाँ तथा मुहावरे और उनके अर्थ। उनके अर्थ मैंने अपनी अल्पबुद्धि के अनुसार बनाए हैं और उनमें त्रुटि की सम्भा...
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