धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

Thursday, February 17, 2011

ऋतुराज वसन्त

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(स्व. श्री हरिप्रसाद अवधिया रचित कविता) निर्मल नभ, मन्द पवन, पुष्प-गन्ध की व्यापकता, खग-कलरव, उन्मन भव, मत्त मदन की मादकता। अलि गण ग...
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Wednesday, February 16, 2011

हम चाहते तो हैं कि भ्रष्टाचार हट जाए तो फिर भ्रष्टाचार आखिर हटता क्यों नहीं?

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हममें से कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जो न चाहे कि भ्रष्टाचार हट जाए। हम सभी यही कामना करते हैं कि हमारे देश मे भ्रष्टाचार का पूर्ण रूप से न...
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Tuesday, February 15, 2011

भारतीय कहानियाँ

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मनोरंजन मनुष्य की एक स्वाभाविक आवश्यकता है। दिनभर काम करने के कारण शरीर में जो थकान उत्पन्न होती है उसे दूर करने के लिए जितनी भरपूर नींद जरू...
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Monday, February 14, 2011

प्राचीन भारत में गणित (Mathematics in ancient India)

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प्राचीन आचार्यों ने धार्मिक अनुष्ठानों को के आयोजन के लिए विशिष्ट तिथियाँ नियत किया था जिनकी गणना के लिए ज्योतिष अर्थात् खगोल शास्त्र (Astro...
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Friday, February 11, 2011

संस्कृत को कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग के लिए सर्वाधिक सुविधाजनक भाषा बनाने वाले प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य - पाणिनि (Panini)

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पाणिनि के विषय में कुछ लिखने के पहले यह बताना अधिक उचित होगा कि जुलाई 1987 में फोर्ब्स पत्रिका (Forbes magazine) ने एक समाचार प्रकाशित किया...
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