धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

Wednesday, July 6, 2011

समय बीतते जाता है रिवाजें बदलती जाती हैं

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वक्त बीतने के साथ ही साथ रीति-रिवाजें भी बदलती चली जाती हैं। एक समय था जबकि मेरे समाज में किसी का जन्म दिन सिर्फ हिन्दू तिथि के अनुसार ही मन...
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Monday, July 4, 2011

मन्दिर के तहखाने से मिली विपुल धन राशि क्या अब आज के सफेदपोश लुटेरों से बच पाएगी?

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केरल के पद्मनाभ स्वामी मन्दिर से मिली एक लाख करोड़ की विशाल धनराशि सौभाग्य से आज तक तो तुर्क, मुगल, अग्रेज आदि लुटेरों से बची रही किन्तु प्रश...
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Friday, July 1, 2011

आज स्कूल में दुकान होते हैं, कल दुकानों में स्कूल हुआ करेगा

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जुलाई का महीना आ गया। यह जुलाई का महीना हमारे लिए अपनी पिछली कक्षा की पुस्तकों को आधी कीमत में बेचने तथा नई कक्षा के लिए आधी कीमत में पुस्तक...
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Thursday, June 30, 2011

रोपै बिरवा आक को आम कहाँ ते होइ

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वृन्द के दोहे करै बुराई सुख चहै कैसे पावै कोइ। रोपै बिरवा आक को आम कहाँ ते होइ॥ भली करत लागति बिलम बिलम न बुरे विचार। भवन बनावत दिन लग...
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Tuesday, June 28, 2011

जनता की याददाश्त और हिन्दी ब्लोग पोस्ट - दोनों ही की उम्र मात्र 24 घंटे

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परसों डीजल, गैस और मिट्टीतेल का दाम बढ़ने पर कितना हंगामा हुआ। विभिन्न चैनलों पर दिन भर इस विषय पर बहस चलते रहे। मँहगाई बढ़ने की चर्चा चलती रह...
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