धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, October 22, 2011
रामलाल - एक भुला दिए गए फिल्म संगीत निर्देशक
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मैं सुबह की चाय पी रहा था और मेरे कानों में गूँज रहे थे पड़ोस से आती हुई गीत के बोल 'तेरे खयालों में हम तेरी ही ख्वाबों में हम....'। ...
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Thursday, October 20, 2011
भारत में अंग्रेजी शिक्षा
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जब भारत को एक ब्रिटिश उपनिवेश बना लिया गया तो सुचारु रूप से शासन तथा व्यवस्था चलाने के लिए अंग्रेजों को बड़ी संख्या में अधिकारियों तथा कर्मचा...
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Tuesday, October 18, 2011
साँप जो घोसला बनाता है
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किंग कोबरा ही एक मात्र साँप है जो कि घोसला बनाता है और उसकी रक्षा भी करता है। किन्तु नर किंग कोबरा घोसले नहीं बनाते, घोसला सिर्फ मादा किंग क...
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Thursday, October 13, 2011
मुश्किलें होती हैं आसान बड़ी मुश्किल से
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महानायक अमिताभ बच्चन के लिए आज भला कौन सा काम ऐसा होगा जो मुश्किल होगा? हो सकता है कि उनके लिए भी कुछ काम मुश्किल वाले हों किन्तु आम लोग तो ...
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Tuesday, October 11, 2011
शरद रैन उजियारी - सुधा वृष्टि सुखकारी
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रात्रि में शीतलता का सुखद अनुभव तथा दिवस में भगवान भास्कर के किरणों की प्रखरता में ह्रास इस बात का द्योतक है कि पावस के पंक से मुक्ति प्राप्...
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