धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

Saturday, January 14, 2012

टूटती हैं मस्जिद क्यूँ जल रहे शिवाले क्यूँ?

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डॉक्टर हातिम जावेद की गज़ल सरज़मीं मुहब्बत की ज़ुल्म के हवाले क्यूँ? वक्त की हथेली में नफरतों के छाले क्यूँ? प्रेम की पवित्र भूमि अत्याचार ...
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Friday, January 13, 2012

राष्ट्रगीत "वन्दे मातरम्" से सम्बन्धित तथ्य

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देशभक्त साहित्यकार बंकिमचन्द्र चटर्जी ने 7 नवम्वर 1876 को बंगाल के कांतल पाडा गाँव में "वन्दे मातरम्" की रचना की। "वन्दे मात...
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Wednesday, January 11, 2012

स्वामी विवेकानन्द के द्वारा दिये गए सन्देश

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"भाइयों और बहनों, लंबी रात्रि अपनी अन्तिम अवस्था में पहुँच चुकी है। दुःख और उदासी समाप्त हो रहे हैं। हमारा देश एक पवित्र देश है। मातृभ...
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Sunday, January 8, 2012

वर्ष 1925 से अब तक सोने की कीमतें ऐसे बढ़ी हैं

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स्वर्ण....कंचन.... कनक.... क्या ही विचित्र वस्तु है यह सोना! देखते ही इसे पाने की इच्छा होने लगती है और पाते ही इसका नशा चढ़ने लगता है। अन...
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Sunday, January 1, 2012

फिर एक नया साल आएगा और फिर नई उम्मीदें जागेंगीं

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आज से साल भर पहले आज के ही दिन अर्थात् 1 जनवरी 2011 को हमने उमंग और उल्लास के साथ नये साल का स्वागत् किया था। आज उस वाले नये साल का अवसान हो...
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