धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Friday, September 27, 2013
छत्तीसगढ़ी हाना (कहावते) - 1
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किसी भी प्रदेश की लोकोक्तियां उस प्रदेश के लोक जीवन को समझने में सहायता करती है। वहाँ के लोग क्या सोचते हैं, किस चीज को महत्व देते हैं, किसे...
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Friday, March 15, 2013
सोला बरस की उमरिया – सेक्स (Sex) की छूट मिल गई रे सँवरिया
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शायद सरकार को लगता है कि कानूनी रूप से सेक्स की छूट न मिलने के कारण ही लड़कियाँ सेक्स (Sex) याने कि यौन संबंध के लिए अपनी सहमति नहीं देतीं, ज...
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Saturday, February 23, 2013
हमारे पास पहले से सूचना थी और इंतजार कर रहे थे
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हमारे पास पहले से सूचना थी.... हम इंतजार कर रहे थे कि कब बम ब्लास्ट हों.... और कब हम निंदा करें.... सरकार में हैं तो आखिर कुछ न कुछ करना तो ...
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Monday, December 31, 2012
नया साल मनाने का एक तरीका यह भी
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हमारे मित्र मिश्रा जी, जो कि धार्मिक प्रवृति के व्यक्ति हैं, ने हमसे पूछा, "बताइये तो सही कि आप नया साल कैसे मनायेंगे?" हमने कहा, ...
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Thursday, December 27, 2012
अगर ब्लोगवाणी चाहे तो आज भी फिर से हिन्दी ब्लोगिंग में जान फूँक सकती है
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और किसी को लगे, न लगे, पर मुझे लगता है कि हिन्दी ब्लोगिंग की प्राणशक्ति बेहद कमजोर हो चुकी है, इसके पीछे कारण यही लगता है कि हिन्दी ब्लोगिंग...
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