धान के देश में!

जी.के. अवधिया का ब्लॉग

Friday, March 13, 2015

कलम-दवात और काले हाथ

›
कल एक व्यापारी मित्र ने अनुरोध किया कि मैं उनका बैंक अकाउंट खोलने का फॉर्म भर दूँ। फॉर्म तो मैंने भर दिया किन्तु फॉर्म भरने के लिए पेन निकाल...
Monday, March 9, 2015

औरत संसार की क़िस्मत है फिर भी...

›
साहिर लुधियानवी औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया जब जी चाहा मसला कुचला जब जी चाहा दुत्कार दिया तुलती है कहीं दीनारों मे...
Friday, March 6, 2015

मोहे रहि रहि मदन सतावै....

›
टेसू और सेमल के लाल-लाल फूल... बौराये हुए आम के पेड़... पीले फूलों वाले सरसों के खेत... गेहूँ की लहलहाती बालियाँ... मादक सुगंध लिए हुए शीतल...
Monday, March 2, 2015

चाणक्य नीति - अध्याय 9 (Chanakya Neeti in Hindi)

›
यदि मुक्ति की कामना करते हो तो समस्त विषय-वासनाओं को विष की भाँति त्यागक दया, पवित्रता, नम्रता और क्षमाशीलता को अपनाओ। दूसरों के दोषों...
Saturday, February 28, 2015

चाणक्य नीति - अध्याय 8 (Chanakya Neeti in Hindi)

›
निम्न वर्ग के लोग धन की कामना करते हैं और मध्यम वर्ग के लोग धन तथा यश दोनों की; किन्तु उच्च वर्ग के लोग सिर्फ यश की ही कामना करते हैं क्यो...
‹
›
Home
View web version

मेरे बारे में -

  • Admin
  • Unknown
Powered by Blogger.