धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, October 3, 2015
ज्ञान को आत्मसात करना ही श्रेयस्कर है
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एक बार राजा भोज के दरबार में एक शिल्पकार आया और उसने राजा से कहा, "हे राजन्! मैंने यह तीन मूर्तियाँ बड़े परिश्रम से बनाई हैं। इन तीनों म...
Monday, April 20, 2015
मुझ बुड्ढे की भगवान से प्रार्थना
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हे सर्वशक्तिमान परमात्मा! आप जानते ही हैं कि मेरी उम्र साठ साल को पार कर गई है और मैं अब बूढ़ा हो चला हूँ। मुझे अत्यधिक वाचाल याने कि बात...
Saturday, March 21, 2015
हिन्दू नववर्ष
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हिन्दू नववर्ष (Hindu New Year) का आरम्भ प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की तिथि से होता है। आज भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन है और आज से ...
Friday, March 20, 2015
परिवर्तन
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इस संसार में कुछ भी स्थिर नहीं है, परिवर्तन (variance) ही संसार का नियम है। समय बदलने के साथ ही साथ अनेक प्रकार के उलट-फेर (somerset) होना स...
Friday, March 13, 2015
कलम-दवात और काले हाथ
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कल एक व्यापारी मित्र ने अनुरोध किया कि मैं उनका बैंक अकाउंट खोलने का फॉर्म भर दूँ। फॉर्म तो मैंने भर दिया किन्तु फॉर्म भरने के लिए पेन निकाल...
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