धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
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Saturday, February 6, 2010
हम पोस्ट लिखते हैं नामी बनकर ... वे चुटकियों में उड़ा देते हैं बेनामी बनकर
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Anonymous said... याने कि बेनामी ने कहा ... अरे भाई कुछ कहना है तो सामने आकर कहो! बुरका ओढ़ कर क्यों कहते हो। प्रशंसा करो, आलोचना करो, जो चाह...
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