धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
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Tuesday, April 13, 2010
मेरी ईपुस्तक का रिव्ह्यू श्री समीर लाल 'समीर' के द्वारा
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मैं आभारी हूँ श्री समीर जी का जिन्होंने मेरी ईपुरस्तक "अंग्रेजी कहावतें हिन्दी भावार्थ" पर रिव्ह्यू लिख कर मेरी ईपुस्तक के विषय मे...
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Sunday, March 21, 2010
हम ... याने कि धोबी का गधा घर का ना घाट का
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एक बार इस हिन्दी ब्लोगिंग में क्या घुस गये कि लत लग गई इसकी और इसने हमें "धोबी का गधा घर का ना घाट का" बना कर रख दिया। अंग्रेजी ब...
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Monday, March 15, 2010
आना लंगूर के हाथ में हूर का ... बाद में पछताना लंगूर का
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आप जितने भी जोड़े देखते होंगे उनमें से पंचान्बे प्रतिशत बेमेल ही मिलेंगे। पता नहीं क्या जादू है कि हमेशा हूर लंगूर के हाथों ही आ फँसती है। हम...
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Thursday, March 11, 2010
व्यथा बड़े गुरूजी की
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चेलों ने परेशान कर रखा है बड़े गुरूजी को। सारे चेले उनके ऊपर "मान ना मान मैं तेरा मेहमान" बन कर पिल पड़े हैं। रोज ऐसा पोस्ट लिख देत...
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