शादी-विवाह का सीज़न चल रहा है आजकल। अक्षय तृतीया के रोज से ही खूब जोर शुरू हो गया है शादियों का। कहीं बारात ले जाने की तैयारी चल रही है तो कहीं बारात स्वागत् की। इन सबको देखकर याद आया कि चौंतीस साल पहले हम भी इस प्रक्रिया से गुजरे थे और विवाह के समय पण्डित जी ने हमसे हमारी श्रीमती जी को सात वचन दिलवाये थे और हमें भी उनसे एक वचन दिलवाया था।
तो आज हमने उन वचनों को याद करने का बहुत प्रयास किया किन्तु एक वचन भी याद नहीं आ सका (सठिया जाने के कारण स्मरणशक्ति का कमजोर हो जाना ही इसका कारण हो सकता है)। और उन वचनों को जानने की जिज्ञासा है कि शान्त ही नहीं हो पा रही है।
तो बन्धुओं आप लोगों से हमारा सवाल है कि क्या आपको वे वचन याद हैं? यदि हैं तो कृपया हमें भी बताने का कष्ट करें।