धान के देश में!
जी.के. अवधिया का ब्लॉग
Saturday, June 7, 2008
वेब में प्रोफेशनल की परिभाषाएँ
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द्विवेदी जी के ब्लॉग की प्रविष्टियों ने "प्रोफेशनल" होने के प्रति जिज्ञासा को प्रबल कर दिया और यह जानने की उत्सुकता हुई कि इस विषय...
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Friday, June 6, 2008
अभी बहुत समय लगेगा हिन्दी चिट्ठाकार को प्रोफेशनल बनने में
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"चिट्ठाकारी तो अभी शौकिया ही रहेगी" उपरोक्त वाक्यांश श्री दिनेशराय द्विवेदी जी के पोस्ट 'चिट्ठाकारों के लिए सबसे जरुरी क्या है...
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Thursday, June 5, 2008
गैस-डीजल-पेट्रोल
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और भी मँहगी हो गईं गैस-डीजल-पेट्रोल। खर्च बढ़ी दस फीसदी अकल हो गई गोल॥ अकल हो गई गोल कुछ भी समझ न आये। सभी रहे हैं सोच कैसे जायें क्या खायें?...
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Sunday, June 1, 2008
आत्माओं से बातचीत
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बात सन् 1967 की है। मेरे पूज्य पिताजी को कहीं से आत्माओं से बातचीत (planchette) करने की विधि का पता चला। मैंने हायर सेकेंडरी (ग्यारहवी कक्षा...
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Friday, May 30, 2008
मैं परेशान तू मजे में
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जीवन में अनेकों बार ऐसी स्थिति आती है कि हम सोचने लगते है मैं तो परेशान हूँ और दूसरे लोग मजे में हैं और यह सोच हमें हीन भावना से ग्रस्त करते...
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