Thursday, December 9, 2010

क्या सन्देश दे रहे हैं आज के टीव्ही कार्यक्रम हमें?

सामान्यतः मैं टीव्ही के कार्यक्रम नहीं देखा करता और यदि कभी अपनी पसन्द का कोई कार्यक्रम देखना भी चाहूँ तो देख नहीं सकता क्योंकि घर के किशोर या युवा बच्चों को उसी समय बिग बॉस देखना जरूरी होता है। बिग बॉस के एक दो एपीसोड मैंने देखे तो स्वाभाविक रूप से मेरे भीतर एक प्रश्न उभरा कि क्या सन्देश दे रही हैं आज के टीव्ही कार्यक्रम हमें?

क्या बिग बॉस के घर में कुछ ऐसा हो रहा है जिससे हमारी युवा पीढ़ी को कुछ अच्छा ज्ञान मिल सके या हमारे समाज का और हमारे देश का उत्थान हो सके?

आखिर रियलिटी शो के नाम से प्रसारित होने वाले आज के टीव्ही कार्यक्रमों में क्या कुछ भी ऐसा है जो हमारे आगे बढ़ने में किसी भी प्रकार से सहायक हो सके?

आखिर क्यों ये कार्यक्रम आज की युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बने हुए हैं?

इस बात को तो प्रायः सभी मानते हैं कि सिनेमा और टीव्ही देश के जन-सामान्य, विशेषतः कच्ची उम्र के बच्चों पर सर्वाधिक प्रभाव डालते हैं।

आज टीव्ही पर जिन कार्यक्रमों का प्रसारण हो रहा है, वे विष परोस रहे हैं या अमृत?

क्या उनका प्रभाव हमारे समाज पर नहीं पड़ेगा?
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