Wednesday, March 25, 2009

गायब होने के बाद कुछ कमाई कर के वापस आया हूँ

आप लोगों के तो शायद ध्यान में भी नहीं होगा कि आपके बीच का एक बुजुर्ग ब्लोगर तो गायब ही हो गया है। चलिये मैं वापस आ गया हूँ। इससे पहले कि आप पूछें कि मैं कहाँ चला गया था, मैं ही बता देता हूँ कि मैं इंटरनेट मारकेटिंग के जरिये कमाई करने चला गया था। बात यह हुई कि मेरे द्वारा यह घोषणा कर देने के बाद कि मैं इंटरनेट मारकेटिंग पर नया ब्लोग बना रहा हूँ मुझे लगा कि शायद मेरा वह ब्लोग उपहास योग्य न बन जाये इसलिये सोचा कि पहले कुछ कर के देखना चाहिये। बस रामाधारी दिनकर जी की पंक्तियों "जब मानव जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है" को याद कर के लग गया इंटरनेट से कमाई करने के धुन में। दिन रात इसी सोच में था कि क्या किया जाये। कुछ अंग्रेजी के ब्लोग बनाये, उनमें क्लिक बैंक के अपने एफिलियेट लिंक के साथ कुछ अंग्रेजी लेख डाले और उनके प्रचार में लग गया। और अब कुछ सफलता मिल जाने के बाद वापस आप लोगों के बीच वापस आ गया हूँ। जी हाँ, मैंने इस दौरान $217.54 की कमाई की है (स्क्रीन शॉट्स देखें)।



जब मैंने स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने का निश्चय किया था तभी मैंने निश्चित कर लिया था कि मैं नेट में अपना बिजनेस स्थापित करके रहूँगा और आज मैंने इसमें थोड़ी सी सफलता प्राप्त कर लिया है। वास्तव में देखा जाये तो वर्तमान में ब्लोग की परिभाषा बदल गई है और उसे व्यापार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। मैं समझता हूँ कि हिन्दी ब्लोग्स भी कुछ समय के बाद व्यापार का रूप अवश्य ही धारण कर लेंगे किन्तु उस समय के आने तक क्यों न अपने अंग्रेजी के ज्ञान का प्रयोग करके कुछ आमदनी की जाये।

गायब हो जाने के कारण आप सभी को होली की बधाई दे नहीं पाया था इसलिये अभी दे रहा हूँ, होली का पावन पर्व आप सभी के जीवन को खुशियों से परिपूर्ण करे!
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