Sunday, May 10, 2009

हम तो बेवकूफ हैं जो हर रोज माँ का चरणस्पर्श करते हैं

सोचा कि चलो थोड़ा ब्लोगवाणी को भी झाँक लें। अरे यहाँ तो आज माँ ही माँ हैं। मैं तो ठहरा पुराना आदमी जिसे कि किस दिन कौन सा डे है पता ही नहीं रहता। ब्लोगवाणी में झाँकने से पता चला कि आज मदर्स डे है।

सोचने लगा कि हम तो बेवकूफ हैं जो हर रोज माँ का चरणस्पर्श करके उसके प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं (आज वे इस संसार में नहीं है तो भी प्रतिदिन उन्हें याद करके मन ही मन में उन्हें प्रणाम कर लिया करते हैं)। आज के लोग अधिक बुद्धिमान हैं जिन्होंने माँ का सम्मान करने के लिये साल में एक दिन तय कर लिया है। मदर्स डे के दिन माँ का खूब सम्मान कर लो फिर बाकी दिन उन्हें देखने की भी क्या जरूरत है?

जमाना बदल गया है पर अफसोस है कि हम जमाने के साथ नहीं बदल सके।
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