Monday, October 19, 2009

बेवकूफों के लिये यहाँ कोई जगह नहीं है

एक आदमी मर गया। यमदूत लेने के लिये नहीं आये। उसकी आत्मा बेचारी भटक रही थी। भटकते भटकते आत्मा एक ऐसे स्थान पर पहुँची जहाँ पर दो बड़े बड़े दरवाजे थे। एक पर लिखा था स्वर्ग और दूसरे पर नर्क। उसने स्वर्ग वाला दरवाजा खटखटाया।

द्वारपाल ने दरवाजा खोल कर पूछा, "क्या चाहते हो?"

आत्मा ने कहा, "भीतर आना है।"

द्वारपाल ने फिर पूछा, "शादी की थी तुमने?"

"हाँ की थी।"

"तो भीतर आ जाओ भाई, नर्क तो तुम पहले ही भोग चुके हो।"

कहकर द्वारपाल ने उसे भीतर जाने दिया। पीछे एक और आत्मा खड़ी थी और पूरी वार्तालाप सुन रही थी।

पहली आत्मा के भीतर जाने पर दूसरी आत्मा ने द्वारपाल से कहा, "मैंने दो शादी की थी।"

"बाजू के दरवाजे में जाओ, बेवकूफों के लिये यहाँ कोई जगह नहीं है।" कहकर द्वारपाल ने दरवाजा बंद कर दिया।
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