Saturday, December 26, 2009

विज्ञापन दिखाकर कमाई करवाने वाली साइट्स कितनी विश्वसनीय?

इंटरनेट के प्रसार बढ़ने के साथ ही साथ विज्ञापनदाता कम्पनियों का ध्यान इंटरनेट के द्वारा विज्ञापन करने पर अधिक जाते जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि किसके पास इतना समय है कि नेट में विज्ञापन देखते फिरे? इसके लिये विज्ञापन एजेंसियों ने तोड़ यह निकाला कि लोगों को विज्ञापन देखने के एवज में पैसे दिये जायें। इस प्रकार से कम से कम कुछ प्रतिशत लोग नेट पर इसी बहाने विज्ञापनों को देखेंगे। इसलिये आजकल “पेड-विज्ञापन” देखो वाली साईटें आ रही हैं।

अंग्रेजी में ऐसी साइटों की भरमार है और हम ऐसी अनेक साइट्स के सदस्य भी बने किन्तु विज्ञापन देखने का भुगतान हमें आज तक नहीं मिला और हारकर हमने उधर झाँकना बंद कर दिया।

अब इसी तरह की एक भारतीय साइट भी आई है जिसका नाम है व्हियूबेस्टएड्स। जब हमें इसके विषय में पता चला तो पहले तो हम पुरानी धोखाधड़ियों को याद करके इसके सदस्य बनने के लिये हिचकिचाये किन्तु यह सोच कर कि चलो यह पहली भारतीय साइट है, इसे भी आजमा लिया जाये, हम लगभग पच्चीस दिन पहले इसके मेम्बर बन गये। हमने देखा कि इस कंपनी को होंडा, गोदरेज, फिलिप्स, बीएसएनएल आदि जैसी भारत की कई रेपुटेड कंपनियों के विज्ञापन मिल रहे हैं। इससे हमें तसल्ली मिली कि यह साइट धोखा देने वाली नहीं है। इन लगभग पच्चीस दिनों में विज्ञापन देख कर हमने लगभग पाँच सौ से कुछ अधिक रुपयों की कमाई की है और इंतजार है बारह सौ रुपये होने की ताकि हमें हमारा पहला भुगतान मिल सके।

आप भी इस साइट के मेम्बर हैं तो बहुत ही अच्छा है पर यदि आप अभी तक इस साइट का मुफ्त सदस्य नहीं बने हैं तो हम तो कहेंगे कि तड़ फड़ इस साइट का मुफ्त सदस्य बन ही जाइये! एक बार आजमाने में आखिर हर्ज ही क्या है? बस इस पोस्ट के किसी भी लिंक को क्लिक करिये पहुँच जायेंगे आप सदस्यता वाले पेज पर!

क्या है इसका फण्डा?

फ़ण्डा सीधा-सादा है, कि आपको इस वेबसाईट का सदस्य रजिस्टर होना है (बिल्कुल मुफ्त), आपको एक कन्फ़र्मेशन मेल भेजा जायेगा तथा आपका खाता खुल जायेगा (बिलकुल मुफ़्त)। यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें। फ़िर आपको प्रतिदिन सिर्फ़ 5-6 विज्ञापन तथा 2-3 समाचार देखना है (जो कि अधिक से अधिक 5-8 मिनट का काम है), जिसके बाद आपके खाते में कुछ अंक जमा कर दिये जायेंगे, कुछ निश्चित अंकों के होने पर एक निश्चित रकम बढ़ती जायेगी, और जैसे ही आपके खाते में 1200/- रुपये की रकम एकत्रित हो जायेगी, आपसे बैंक अकाउंट नम्बर तथा पहचान पत्र (ड्रायविंग लायसेंस, पेन कार्ड आदि) लेकर “आपके नाम से” चेक बनाया जायेगा।

इस वेबसाईट द्वारा एक व्यक्ति का (घर के पते और मेल आईडी अनुसार) एक ही रजिस्ट्रेशन किया जायेगा।

जब रजिस्ट्रेशन हो जायेगा और आपका प्रोफ़ाइल पूरा अपडेट हो जायेगा तब View Ads पर क्लिक करके आपको एक-एक विज्ञापन देखना है, क्लिक करने पर एक नई विण्डो खुलेगी, जिसमें कुछ सेकण्डों का समय चलता हुआ दिखेगा, उतने सेकण्ड पश्चात जब आपके खाते में अंकों के जमा होने की सूचना झलकेगी तब वह विण्डो बन्द करके नया विज्ञापन खोल लें। ऐसा दिन में एक खाते से एक बार ही किया जा सकेगा, तथा यह कुल मिलाकर सिर्फ़ 5-7 मिनट का काम है। जब आप सारे विज्ञापन और समाचार देख लें तब फ़िर अगले दिन ही आप लॉग-इन करें। सावधानी यह रखनी है कि जब तक वह विज्ञापन पूरा खत्म न हो जाये और अंक जमा होने की सूचना न आ जाये, तब तक विज्ञापन वाली विण्डो बन्द नहीं करना है, तथा एक बार में एक ही विज्ञापन की विण्डो खोलना है, एक साथ सारे विज्ञापनों की विण्डो खोलने पर आपका अकाउंट फ़्रीज़ होने की सम्भावना है। मेरे खयाल में हम लोग नेट पर जितना समय बिताते हैं उसमें से 5-7 मिनट तो आसानी से इस काम के लिये निकाले जा सकते हैं, और जब कोई शुल्क नहीं लग रहा है तब इस पर रजिस्ट्रेशन करने में क्या बुराई है। अर्थात नुकसान तो कुछ है नहीं, “यदि” हुआ तो फ़ायदा अवश्य हो सकता है।

तो एक बार फिर बता दें कि आपको करना क्या है -

1) यहाँ अर्थात् व्हियूबेस्टएड्स पर क्लिक करके साइट पर पहुँचें।

2) ई-मेल आईडी भरकर रजिस्टर करवायें।

3) आपके मेल बाक्स में एक मेल आयेगी, उस लिंक पर क्लिक करके कन्फ़रमेशन करें। यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें।

4) अपना सही-सही प्रोफ़ाइल पूरा भरें, ताकि यदि पैसा (चेक) मिले तो आप तक ठीक पहुँचे।

5) बस, विज्ञापन देखिये और खाते में अंक और पैसा जुड़ते देखिये (दिन में सिर्फ एक बार)

6) आप चाहें तो अपने मित्रों को अपनी लिंक फ़ारवर्ड करके उन्हें अपनी डाउनलिंक में सदस्य बनने के लिये प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि कुछ अंक आपके खाते में भी जुड़ें (हालांकि ऐसा कोई बन्धन नहीं है)…

यदि आपके मेलबॉक्स में कन्फर्मेशन मेल न दिखे तो स्पाम को अवश्य चेक करें।

तो सदस्य बनने के लिये क्लिक करें - व्हियूबेस्टएड्स

चलते-चलते

जब हम घर पहुँचे तो हाँफ रहे थे। श्रीमती जी ने हमें हाँफते देख कर पूछा, "क्या बात है? आप हाँफ क्यों रहे हो?"

"पाँच रुपये बचाया मैंने! आटो के पीछे दौड़ते-दौड़ते आया हूँ।" हमने बताया।

श्रीमती जी ने हमें हमारी मूर्खता बताते हुए हिकारत भरे स्वर में कहा, "अरे! बचाना ही था तो पचास रुपये बचाये होते। टैक्सी के पीछे दौड़ कर आना था।"
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