Wednesday, August 25, 2010

रिश्तों में दरार

प्रभा प्रशान्त से कह रही थी, "भैया, इस बार मैं राखी में सिर्फ आपको बुलाउँगी, प्रकाश भैया को नहीं?"

और जब प्रशान्त अपने छोटे भाई प्रकाश से मिला तो प्रकाश कहने लगा, "भैया इस बार मैं राखी में प्रभा बहन के घर, अगर वो बुलाएगी भी तो भी, नहीं जाउँगा।"

एक समय था जब प्रशान्त, प्रकाश और प्रभा के बीच आपस में इतना प्यार था कि एक दूसरे के बिना रह नहीं पाते थे। पर आज उनके रिश्तों में दरार आ गया है।

सही बात तो यह है कि आज कमोबेश हर परिवार में आपसी रिश्तों में दरार देखने को मिल जाता है। भाई-भाई, भाई-बहन, बाप-बेटे जो कभी एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे के बीच वैमनस्य की गहरी खाई खुदी हुई दिखाई देती है।

क्यों होता है ऐसा?

क्यों आता है रिश्तों में दरार?
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