Monday, December 7, 2009

किस ब्लोगर ने किया कमाल?

प्लेन में सारे हिन्दी ब्लोगर्स थे। अचानक प्लेन के इंजिन में खराबी आ गई और पायलट को रेगिस्तान में क्रैश लैंडिंग करना पड़ गया। प्लेन को सावधानीपूर्वक रेगिस्तान में सुरक्षित उतार लिया गया। प्लेन के क्रैश होने पहले सारे ब्लोगर्स सुरक्षित दूरी तक पहुँच गये। यद्यपि प्लेन क्रैश हो गया और दुर्भाग्य से प्लेन का भी उसके साथ स्टाफ समाप्त हो गया किन्तु सौभाग्य यह रहा कि सारे के सारे ब्लोगर्स बच गये।

सारे ब्लोगर्स सुरक्षित बच तो गये किन्तु स्थिति विकट थी, चारों ओर दूर दूर तक रेत ही रेत था। न कोई आदमी न आदम जात। यह भी पता नहीं था कि वे कहाँ पर हैं और नजदीक में कोई गाँव, कस्बा या शहर है भी कि नहीं।

खैर साहब, हमारे कुछ ब्लोगर मित्रों ने अपने तत्काल बुद्धि का प्रयोग करते हुए प्लेन से भागते वक्त अपने साथ कुछ न कुछ सामान भी बचा लाये थे जिसका विवरण नीचे दिया जा रहा हैः

ललित शर्मा जी ने हथियार का बक्सा बचा लिया जिसमें कि बंदूकें, पिस्तोलें और चाकू आदि थे।

हमने तो भाई शानदार व्हिस्की के एक क्रेट बचा लिया था।

एक मित्र ने पानी पाउच की एक बोरी बचा ली थीं।

एक अन्य महोदय ने रेजर और ब्लेड बचाया था।

किसी और ने मोमबत्ती और माचिस का डिब्बा बचाया था।

एक ने अपने साथ एक टार्च रख लिया था।

एक अन्य मित्र ने पैकेज्ड फूड का बक्सा बचा लिया था।

एक महिला ब्लोगर ने अपना मेकअप बॉक्स बचाया था।

एक मित्र ने फर्स्ट एड बॉक्स बचा लिया था।

किसी अन्य ने सामान्य दवाइयों का डब्बा बचाया था जिसमें पैरासीटामॉल, ब्रुफेन, निमुसलाइड जैसे बुखार एवं दर्द निवारक सामान्य दवायें थीं।

एक मित्र ने जो बक्सा बचाया था उसमें दाल, चाँवल, गेहूँ आदि खाना बनाने के सामान थे।

अब आपको बताना है कि उपरोक्त बचाये गये सामानों में से सबसे अधिक काम की चीज कौन सी है? आखिर किस ब्लोगर ने किया था कमाल सबसे अधिक महत्वपूर्ण चीज बचाकर?

सोचिये! दिमाग लगाइये!! जवाब दीजिये!!!

चलते-चलते

किसी बात से नाराज होकर सभापति ने कहा, "इस सभा मे उपस्थित आधे लोग बेवकूफ हैं।"

इस से लोग और भी नाराज हो गये तो सभापति ने कहा, "कृपया नाराज मत होइये, इस सभा मे उपस्थित आधे लोग बेवकूफ नहीं हैं।"
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