Wednesday, December 30, 2009

एक कहानी बता रहा हूँ ... यदि इससे भी न सीखे तो कुछ भी नहीं सीखे

यह उस व्यक्ति की कहानी हैः

  • 1832 में जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी और वे राज्य विधानसभा (state legislature) में हार गये
  • 1833 में जिन्हें व्यवसाय में असफलता मिली
  • 1835 में जिनकी पत्नी का देहान्त हो गया
  • 1836 में जिन्हें नर्व्हस ब्रेकडाउन हुआ
  • 1838 में जो सदन के अध्यक्ष (Speaker of the House) का चुनाव हार गये
  • 1843 में जिन्हें कांग्रेस के लिए नामांकन नहीं मिल पाया
  • 1846 में जो कांग्रेस में चुने गये और 1848 में जिनका renomination खो गया
  • 1849 में जिन्हें land officer के लिए अस्वीकृत कर दिया गया
  • 1854 में जो अमेरिकी सीनेट के लिए हार गये
  • 1856 में जो उप राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन हार गये
  • 1858 में वे फिर से अमेरिकी सीनेट के लिए हार गये
  • और जो 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति चुने गए
वे थे अब्राहम लिंकन!

मित्रों! अब्राहम लिंकन ने अपने जीवन की इतनी सारी असफलताओं से हार नहीं मानी, सारी बाधाओं और अवरोधों का डट कर मुकाबिला करते रहे जिसका परिणाम मिला उन्हें एक बहुत बड़ी सफलता के रूप में!

इसलिये मैं तो यही कहूँगा कि जीवन की असफलताओं से कभी हार ना मानें! यदि आप हार मान जायेंगे तो कभी भी आपको सफलता नहीं मिलेगी किन्तु यदि आप सतत् प्रयास करते रहेंगे तो आपको अपनी मंज़िल तक पहुँचने से कोई भी नहीं रोक सकता।

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17 टिप्पणियाँ:

ललित शर्मा said...

अब तो हमारा भी राष्ट्रपति बनने का नम्बर आ सकता है, हमारी लिस्ट इससे कुछ ज्यादा लंबी है।
जोहार ले।

Murari Pareek said...

जीता जागता उदाहरण पेश किया है अवधियाजी !! सचमुच शिक्षाप्रद!! !

विनोद कुमार पांडेय said...

sanghars aadmi ke liye saflata ke marg prshast kar deti hai agar usase kuch sikh le to..badhiya jankari.dhanywad ji!!

महफूज़ अली said...

बहुत inspirational रचना....

आपको नव वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएं....

पी.सी.गोदियाल said...

उम्मीद बंधाता सुन्दर सन्देश !

शबनम खान said...

bohot khoob.....
shubhkamnaye....

रंजना [रंजू भाटिया] said...

सीखा जी यही सोच आगे ले जा सकती है ..शुक्रिया इन प्रेरणा दायक प्रसंग के लिए

संजय बेंगाणी said...

सुन्दर.

राज भाटिय़ा said...

आप के लेख से सहमत हुं.
धन्यवाद

निर्मला कपिला said...

अवधिया जी आपको पढ पढ कर हम कहाँ हार मानने वाले हैं बहुत अच्छा सन्देश धन्यवाद्

निरन्तर said...

आपको नव वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएं...

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

किसी ने बिल्कुल सच कहा है कि हिम्मते मर्दाँ..ते मदद-ए-खुदा...
इस प्रेरक प्रसंग के लिए धन्यवाद.....

मनोज कुमार said...

बहुत अच्छी और प्रेरक पोस्ट के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

निरन्तर said...

यदि आप सतत् प्रयास करते रहेंगे तो आपको अपनी मंज़िल तक पहुँचने से कोई भी नहीं रोक सकता...
प्रेरक प्रसंग...

खुशदीप सहगल said...

नए साल पर शुभकामना देने के लिए और जोश भरने के लिए इससे बढ़िया पोस्ट हो ही नहीं सकती थी...आभार

नया साल आप और आपके परिवार के लिए असीम खुशियां लाए...

जय हिंद...

AlbelaKhatri.com said...

waah !
waah !

umdaa post

abhinandan !

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

प्रेरक और सार्थक पोस्ट ...

रसरी आवत जात से सिल पे पडत निशाँ ....

 
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