हम और आप के साथ साथ गूगल भी चाहता है कि नेट में हिन्दी आगे बढ़े। नेट में जितनी अधिक अच्छी सामग्री (अच्छे कंटेंट) आयेगी उतनी ही अधिक हिन्दी आगे बढ़ती जायेगी। अधिक से अधिक अच्छी सामग्री (अच्छे कंटेंट) लाने के लिये ही गूगल ने आयोजित किया है 'है बातों में दम?' प्रतियोगिता!
मुझे गूगल का यह प्रयास पसंद आया। 8 दिसम्बर 2009 को पहली बार मुझे इस प्रतियोगिता के विषय में पता चला। जब मैंने वहाँ जाकर देखा तो पाया कि मात्र दो-तीन लेख ही हैं वहाँ पर। मैंने वहाँ के लेखों की संख्या को बढ़ाने के लिये निश्चय कर लिया और अपने सामर्थ्य के अनुसार अलग-अलग वर्गों लेख डालने शुरू कर दिये। 31 दिसम्बर 2009 तक मैं वहाँ पर 92 लेख डाल चुका था। कल याने कि नये साल के पहले दिन मैंने ठान लिया कि आज यहाँ पर अपने लेखों का शतक बना कर ही रहूँगा और अन्ततः इसमें सफल भी हो गया। आप मेरे उन लेखों को यहाँ क्लिक कर के देख सकते हैं।
वहाँ पर वत्स जी और अन्तर सोहिल जी के लेख देख कर खुशी हुई मुझे! पर मात्र एक लेख से काम नहीं चलना है। मेरा आप सभी लोगों से अनुरोध है कि आप अपने अधिक से अधिक अच्छे लेख इस प्रतियोगिता में दें। इस प्रकार से आप न केवल नेट में हिन्दी को बढ़ावा देंगे बल्कि पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर भी पा सकेंगे, याने कि "आम के आम गुठलियों के दाम"! ये पुरस्कार हैं:
हर विषय श्रेणी के विजेता के लिए एक लैपटॉप [श्रेणियाँ हैं (1) मनोरंजन संस्कृति और साहित्य (2) यात्रा (3) खेल (4) स्वास्थ्य और (5) सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे]तो फिर देर बिल्कुल मत करें, अपना कम से कम एक अच्छा लेख तो अभी ही डाल दें वहाँ जा कर क्योंकि "काल करे सो आज कर आज करे सो अब्ब पल में परलय होयगा बहुरि करेगा कब्ब"।
हर विषय श्रेणी में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी द्वारा प्रस्तुत की गई सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को किसी ऑनलाइन पुस्तक की दुकान के 5000 रु के गिफ्ट वाउचर
सभी विषय श्रेणियों में से छांटी गईं पहली 50 प्रविष्टियों को 6 महीने का मुफ़्त इंटरनेट सब्सक्रिप्शन
सभी विषय श्रेणियों में से छांटी गईं अगली 250 प्रविष्टियों के लिए Google गुडीज़
लेख डालने के लिये सिर्फ श्रेणी के आगे "अपनी प्रविष्टि दें" बटन को क्लिक करना है, अपने गूगल आईडी से लागिन करना है और आपके सामने स्क्रीन होगा लेख डालने के लिये!