Thursday, March 4, 2010

क्या हिन्दी से कमाई की उम्मीद है?

मेरे पास प्रायः मेल आते रहते हैं हिन्दी से कमाई के विषय में जानकारी पूछने के लिये। मेल भेजने वालों में से कुछ ब्लोगर भी होते हैं और कुछ नहीं भी। अतः मैंने इस विषय पर एक पोस्ट लिख देना उचित समझा ताकि जिन्हें भी इस विषय में रुचि है उन्हें कुछ जानकारी मिल जाये।

नेट में कमाई मुख्य रूप से 'पे पर क्लिक', 'एफिलियेट प्रोग्राम' और 'स्वयं के प्रोडक्ट बेचने' से होती है पर दुर्भाग्य से अभी तक हिन्दी के लिये ये चीजें विकसित नहीं हो पाई हैं। क्लिकबैंक.कॉम के डिजिटल प्रोडक्ट्स बेचने से अच्छी खासी कमाई होती है किन्तु हिन्दी का प्रयोग करके हम क्लिकबैंक के डिजिटल प्रोडक्ट्स बेच नही सकते। 'एड्स फॉर इंडियन्स' नाम का एक नेटवर्क है किन्तु मैं उसके विषय में अधिक बता नहीं सकता क्योंकि मैंने उसे प्रयोग नहीं किया है। हाँ, भारत के लिये डीजीएमप्रो.कॉम एक एफिलियेट नेटवर्क है जिससे कुछ कमाई की सम्भावना दिखाई पड़ती है। यदि हम अपने वेबसाइट या ब्लोग के माध्यम से एयर बुकिंग, होटल बुकिंग, आनलाइन शॉपिंग करवा पायें तो डीजीएमप्रो से अवश्य ही कमाई हो सकती है, और मैं इससे कुछ आमदनी कर भी रहा हूँ। किन्तु अभी हमारे देश में आनलाइन बुकिंग और शॉपिंग का चलन बहुत कम है इसलिये यह कमाई बहुत ही कम है। पर धीरे धीरे यह चलन बढ़ते जा रहा है इससे उम्मीद बढ़ती है।

अभी नेट में हिन्दी इतनी व्यावसायिक नहीं हो पाई है कि हिन्दी वेबसाइट या ब्लोग से कमाई हो सके। इसका मुख्य कारण हिन्दी के पाठकों की संख्या नगण्य होना ही है। वर्तमान हिन्दी ब्लोगिंग को देखते हुए ऐसा लग भी नहीं रहा है कि निकट भविष्य में पाठकों की संख्या बढ़ पायेगी किन्तु उम्मीद पर दुनिया कायम है अतः हम लोग भी उम्मीद तो लगा ही सकते हैं।

जब तक हम विषय आधारित वेबसाइट या ब्लोग नहीं बनायेंगे और पाठकों की संख्या नहीं बढ़ेगी, हिन्दी का व्यावसायिक होना मुश्किल है।

इस दिशा में मेरे एक प्रयास को आप मेरे "इंटरनेट भारत" ब्लोग में देख सकते हैं।
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