Monday, September 21, 2009

देवी नहीं आती दारू दुकान बंद कराने

हमारे रायपुर में:

देवी नहीं आती दारू दुकान बंद कराने नौ दिन तक, फिर भी लोग नवरात्रि में खुद से दारू पीना बन्द कर देते हैं!

गाँधी जयन्ती जैसे राष्ट्रीय पर्व में शासन दारू दुकान बन्द करा देती है फिर भी लोग उस दिन पीते हैं।

और आपके यहाँ?

6 टिप्पणियाँ:

Pankaj Mishra said...

MERE YAHAA BHEE

Nirmla Kapila said...

बिलकुल सही कहा ये देवी की शक्ति है नवरात्र की शुभकामनायें

राज भाटिय़ा said...

अजी नही, लोग डरते है इस लिये नही पीते,कही अनिष्ट ना हो जाये, वरना क्या देवी मां के सिर्फ़ नो दिन ही है साल मै बाकी दिनो कहां रहती है??

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

माँ के दिनों में तो लोग शायद डर के मारे नहीं पीते....लेकिन पिता जी के दिनों(शिवरात्री,जन्माष्टमी आदि)में ये डर कहाँ चला जाता है........लगता है कि शायद बाप की बजाय माँ का डर अधिक हैं:)

Udan Tashtari said...

धार्मिक बातों का भय और प्रशासन के भय का अंतर है जी. प्रशासन वाला मैनेजेबल है न!!

संजय बेंगाणी said...

हमारी कूल देवी के मन्दीर (राजस्थान)में दो मूर्तियाँ है. एक दारू पीती है. तो जिन्हें पीनी होती है एक बोतल चढ़ा आता है. वैसे तो लोकलाज के मारे पी नहीं सकते :)

 
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